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बिहार के वाल्मीकि: सम्राट चौधरी’ किताब चर्चा में, आचार्य डॉ. राहुल परमार फिर सुर्खियों में



पटना, संवाददाता:
राजनीतिक और साहित्यिक हलकों में इन दिनों आचार्य डॉ. राहुल परमार की नई पुस्तक “बिहार के वाल्मीकि: सम्राट चौधरी” को लेकर खासा चर्चा है। इस किताब के जरिए परमार ने बिहार की राजनीति के उभरते चेहरे सम्राट चौधरी के व्यक्तित्व, संघर्ष और नेतृत्व क्षमता को विस्तार से प्रस्तुत किया है।

आचार्य डॉ. राहुल परमार पहले भी अपनी सटीक राजनीतिक और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों को लेकर चर्चित रहे हैं। उन्होंने काफी पहले ही सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने को लेकर भविष्यवाणी की थी, जो अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इतना ही नहीं, उन्होंने नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे पहले सम्राट चौधरी का नाम सामने रखकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी।

किताब में सम्राट चौधरी को ‘बिहार का वाल्मीकि’ बताते हुए उनके सामाजिक जुड़ाव, राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण को विशेष रूप से उभारा गया है। लेखक का दावा है कि यह पुस्तक न केवल एक राजनीतिक जीवनी है, बल्कि बिहार की बदलती राजनीति का दस्तावेज भी है।

गौरतलब है कि आचार्य डॉ. राहुल परमार जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े रहे हैं और इससे पहले भी वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कई पुस्तकों की रचना कर चुके हैं। उनकी लेखनी में राजनीतिक विश्लेषण और ज्योतिषीय दृष्टिकोण का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह किताब आने वाले समय में बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी की भूमिका और संभावनाओं को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। वहीं पाठकों के बीच भी इस पुस्तक को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

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