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बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा टिकट की दावेदार हैं श्वेता श्रीवास्तव

पटना।बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में हालिया बदलाव और राष्ट्रीय स्तर पर उभरी नई जिम्मेदारियों के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि वर्तमान विधायक नितिन नवीन आने वाले समय में विधानसभा से इस्तीफा देकर राज्यसभा की राह पकड़ सकते हैं। ऐसे में बांकीपुर से नए चेहरे को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है, और कायस्थ समाज से जुड़े नामों में श्वेता श्रीवास्तव का नाम सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आ रहा है।श्वेता श्रीवास्तव बीते लगभग 20 वर्षों से भाजपा और संगठन में विभिन्न पदों पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। संगठनात्मक राजनीति में उनकी पहचान एक समर्पित, अनुशासित और जमीन से जुड़ी कार्यकर्ता के रूप में रही है। हाल के चुनावी दौर में वे चुनाव प्रबंधन समिति में सह संयोजक की जिम्मेदारी संभाल रही थीं, जहां उनकी रणनीतिक समझ और सूक्ष्म प्रबंधन क्षमता की पार्टी के भीतर व्यापक सराहना हुई।सबसे अहम बात यह है कि श्वेता श्रीवास्तव को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में “ग्राउंड जीरो” पर काम करने का लंबा अनुभव है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों में उन्होंने नितिन नवीन के लिए सीधे तौर पर क्षेत्र में संगठनात्मक और चुनावी कार्य किया। बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के समन्वय और मतदाता संपर्क तक, हर स्तर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र की जमीनी हकीकत से गहराई से जोड़ा है। यही कारण है कि पार्टी के भीतर उन्हें एक “फील्ड टेस्टेड” चेहरा माना जाता है।श्वेता श्रीवास्तव की साफ-सुथरी छवि और संगठन के प्रति निष्ठा उनकी सबसे बड़ी पूंजी मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों की मानें तो बांकीपुर जैसे शहरी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में भाजपा ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो न सिर्फ संगठन की सोच को मजबूती से आगे बढ़ा सके, बल्कि सामाजिक संतुलन भी साधे। इस संदर्भ में कायस्थ समाज से आने वाले नामों पर मंथन चल रहा है, और श्वेता श्रीवास्तव का नाम इस सूची में सबसे ऊपर बताया जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नितिन नवीन राज्यसभा जाते हैं, तो भाजपा के लिए बांकीपुर सीट पर निरंतरता और विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में संगठन से निकली, अनुभवी और क्षेत्र में पहले से स्थापित श्वेता श्रीवास्तव पार्टी के लिए एक सुरक्षित और मजबूत विकल्प के रूप में देखी जा रही हैं।फिलहाल पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी नाम की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से संगठनात्मक हलकों में श्वेता श्रीवास्तव की चर्चा तेज हुई है, उससे यह साफ है कि बांकीपुर की सियासत में उनका कद लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेतृत्व इस सीट पर किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और क्या श्वेता श्रीवास्तव को इस चर्चा का औपचारिक रूप मिलता है या नहीं।

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