चेन्नई (Chennai), 6 जुलाई : केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के राशन कार्डधारकों को मुफ्त वितरण के लिहाज से तमिलनाडु (Tamilnadu) और पुडुचेरी (Puducheri) को 9.1 लाख टन चावल और गेहूं के लिए 3,325 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
यह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत राशन वितरण के लिए है और इसका उद्देश्य गरीबों, वंचितों की कठिनाइयों को हल करना है।
यह वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के माध्यम से पांच माह के लिए होगा। पुडुचेरी को हर महीने 3,140 टन चावल मिलेगा।
भले ही केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तमिलनाडु में अंत्योदय अन्न योजना के जरिये 3.57 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रही है। तमिलनाडु सरकार गैर-प्राथमिकता वाले परिवारों सहित दो करोड़ से अधिक चावल कार्डधारकों को पूरी तरह से मुफ्त चावल प्रदान कर रही है।
भारतीय खाद्य निगम, कार्यकारी निदेशक (दक्षिण भारत), आरडी नजीम ने आईएएनएस को बताया, भारत सरकार ने पीएमजीकेएवाई योजना के तहत तमिलनाडु और पुडुचेरी को 15.78 लाख टन चावल सहित 16.5 लाख टन खाद्यान्न की आपूर्ति की है। भारत सरकार तमिलनाडु राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 10,913 करोड़ रुपये के खाद्यान्न का वितरण किया है।
एफसीआई के कार्यकारी निदेशक ने कहा, हमने तमिलनाडु को 22 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर लगभग 3,780 करोड़ की लागत से 10.98 लाख टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। यह राज्य में गैर-प्राथमिकता वाले परिवारों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए था।
एफसीआई के रिकॉर्ड के अनुसार, केंद्र ने धान की खरीद, मिलिंग, परिवहन और भंडारण के लिए लगभग 37-38 रुपये प्रति किलोग्राम खर्च किया था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को चावल के लिए 3 रुपये किलो और चावल के लिए 2 रुपये किलो गेहूं की आपूर्ति की जाती थी। हालांकि, तमिलनाडु सरकार ने लोगों को मुफ्त में अनाज की आपूर्ति की है।

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